15-06-2017
अन्नपूर्णा गुप्ता
दिल की बातें ....
दिल की बातें
दिल ही जाने
हमने तो लाख जतन किये
पर ये है की
कुछ भी ना माने ......
रिमझिम बूँदो को
तेरा पैग़ाम कहता है
सर्द हवाओं को
तेरा सलाम कहता है.....
मौसम की रुमानीयत
तेरी मुस्कुराहट
और
सुहानी शाम को
तेरा श्रृंगार कहता है.....
रंग बिरंगे फूलों के साथ
घंटो वक़्त गुजारकर
तुम्हारी भीनी खुशबू का
अहसास करता है
पर.....
आज तो हैरान रह गयी मैं
जब तुम सामने आये
तुम्हे देख
तुमसे मिल
तुम्हारी आँखों मे झांककर
जाने कैसे....
अजनबियों सी
बात करता है....
पहचानने से
इनकार करता है....
अन्नपूर्णा गुप्ता
दिल की बातें ....
दिल की बातें
दिल ही जाने
हमने तो लाख जतन किये
पर ये है की
कुछ भी ना माने ......
रिमझिम बूँदो को
तेरा पैग़ाम कहता है
सर्द हवाओं को
तेरा सलाम कहता है.....
मौसम की रुमानीयत
तेरी मुस्कुराहट
और
सुहानी शाम को
तेरा श्रृंगार कहता है.....
रंग बिरंगे फूलों के साथ
घंटो वक़्त गुजारकर
तुम्हारी भीनी खुशबू का
अहसास करता है
पर.....
आज तो हैरान रह गयी मैं
जब तुम सामने आये
तुम्हे देख
तुमसे मिल
तुम्हारी आँखों मे झांककर
जाने कैसे....
अजनबियों सी
बात करता है....
पहचानने से
इनकार करता है....
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